High Blood Pressure: क्या हाई बीपी के मरीज आलू खा सकते हैं? यहां पढ़ें आलू के फायदे और नुकसान
Potatoes and Blood Pressure Management: क्या आप जानते हैं कि 16वीं सदी से पहले तक आलू भारतीय आहार का हिस्सा नहीं थे? आलू भारत में तब आए जब पुर्तगाली भारत (Portuguese arrived to India) पहुंचे. यही वो समय था जब हर सब्जी में डलते ही स्वाद के मायने बदलने वाला आलू भारतीय रसोई में पहुंचा था. इसके बाद से हम सभी ने आलू को इस तरह अपनाया कि शायद लोगों के लिए यह मानना भी मुश्किल होगा कि आलू असल में भारतीय सब्जी नहीं है. उस समय के बाद से हम आलू को ग्रेवी, क्यूरी, पुलाव हों या चावल की अलग-अलग रेसिपी में, हलवा, मीठा आहार, पराठा, फ्राईज और भी कई तरह के आहार में हम आलू का इस्तेमाल जमकर करते हैं. जैसे ही हम आलू के बारे में सुनते हैं तुरंत हमारे में मन चटपटा और उसे तल का खाने का मन कर जाता है. हाई ब्लड प्रेशर डाइट मेनू सही होना जरूरी है. इसके लिए आप हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट बना सकते हैं, जिसमें यह तय किया जाए कि हाई बीपी में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. अगर आप भी इस बात को लेकर दुविधा में हैं कि हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं और हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे और ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए तो इन बातों के जवाब हम आपको देते हैं. हां, यह भी सच है कि आलू सबसे ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली सब्जी है, लेकिन इसके साथ ही एक सच यह भी है कि यह आपके आहार में शामिल होने वाला सबसे सेहतमंद फल बन सकता है. आलू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, विटामिन बी, कॉपर, ट्राइप्टोफन, मैग्नेज और आंखों की सेहत को अच्छा करने वाले लुटिन्स होते हैं. खार के गुण वाला होने के चलते आलू आपके शरीर को अतिरिक्त टॉक्सिन से छुटकारा दिलाता है. आलू में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण (anti-inflammatory properties) होते हैं, जो दर्द और अल्सर से राहत देते हैं. अगर आलू को सही तरह से पकाया और खाया जाए तो यह आपको सेहत से जुड़े कई फायदे दे सकता है. आलू ब्लड प्रेशर लेवल (Blood pressure levels) को नियंत्रित करने में भी मददगार है.
Blood Pressure Management: डीके पब्लिकेशन हाउस की किताब 'हीलिंग फूड्स' के अनुसार, ''आलू में काफी अधिक मात्रा में क्लोरोजेनिक एसिड और एंथोसायनिन (Chlorogenic acid and Anthocyanins) कैमिकल होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मददगार हैं. पर्पल आलू में मौजूद पोलिफेनोल भी काफी मददगार साबित होता है.'' इसके साथ ही साथ आलू पोटेशियम का भी अच्छा सोर्स हैं. न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा के अनुसार '' हाई पोटेशियम आहार बीपी बढ़ाने में मददगार होते हैं. इसलिए कम बीपी की शिकायत होने पर आहार में आलू, चुकंदर, गाजर, संतरा और केले शामिल करें. ये अच्छे साबित होंगे.''
पोटेशियम एक ऐसा पोषक तत्व है जो सोडियम के बुरे प्रभावों को कम करता है. यह एक वेसोडिलेटर की तरह काम करता है और यूरिन के जरिए अतिरिक्त सोडियम को शरीर से बाहर निकाल देता है. अत्यधिक सोडियम नसों की तहों पर बहुत ज्यादा दबाव बना देता है, जिससे कि ब्लड शुगर बढ़ जाता है. 100 ग्राम आलू में 421एमजी पोटेशियम होता है. इतना ही नहीं. आलू आपके स्ट्रेस को कम करने का भी काम करेगा. जोकि बीपी के मरीजों में एक आम समस्या है. आलू का सफेद वाला हिस्सा ट्रोप्टोफन का अच्छा सोर्स है. यह एक तरह का अमीनो एसिड होता है, जोकि सेडेटिव गुणों से भरपूर यानी मन को शांति देनेवाली औषधि की तरह काम करता है. तो कुल मिलाकर आलू तनाव को दूर करता है और आपके नर्वस को शांत रखता है.

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